1 वर्ष, 1,200 प्रशिक्षण घंटे · NSQF स्तर 2.5

प्लम्बर आईटीआई कोर्स अलवर।

पाइप, फिटिंग, जल आपूर्ति, निकासी, सैनिटरी स्थापना, परीक्षण और सामान्य रखरखाव के व्यावहारिक कौशल सीखें। आवेदन से पहले पात्रता, पाठ्यक्रम और वर्तमान सीट की स्थिति समझें।

प्रवेश की जानकारी
नवोदय प्राइवेट आईटीआई अलवर में प्लम्बर कोर्स का व्यावहारिक प्रशिक्षण वातावरण
अवधि1 वर्ष, 1,200 प्रशिक्षण घंटे
प्रवेश योग्यता8वीं उत्तीर्ण
राष्ट्रीय मानकNSQF 2.5, बैच 24
प्रशिक्षण क्षेत्रनिर्माण और रखरखाव

प्लम्बर किस विद्यार्थी के लिए उपयोगी हो सकता है?

यह कोर्स उन विद्यार्थियों के लिए उपयोगी हो सकता है जिन्हें सक्रिय साइट कार्य, औजारों से काम और जल तथा सैनिटरी प्रणालियां समझना पसंद है।

DGT का बैच आकार राष्ट्रीय प्रशिक्षण मानक है। यह नवोदय आईटीआई में वर्तमान उपलब्ध सीट की संख्या नहीं बताता। सीट, फीस और रिपोर्टिंग की पुष्टि संस्थान से करें।

प्लम्बर पाठ्यक्रम के मुख्य क्षेत्र।

यह सरल परिचय है। पूरा विवरण आधिकारिक DGT पाठ्यक्रम में देखें।

  1. 01

    औजार, सुरक्षा, माप और साधारण ड्राइंग पढ़ना

  2. 02

    पाइप काटना, मोड़ना, थ्रेडिंग, जोड़ना और परीक्षण

  3. 03

    जल वितरण, निकासी और सैनिटरी पाइपवर्क

  4. 04

    सामान्य सैनिटरी फिटिंग की स्थापना और देखभाल

  5. 05

    बुनियादी अनुमान, रखरखाव और रोजगार कौशल

आधिकारिक DGT पाठ्यक्रम

प्रशिक्षण जिन कौशलों की बुनियाद बनाता है।

पाइप काटना और जोड़ना
जल आपूर्ति स्थापना
सैनिटरी फिटिंग रखरखाव
निर्माण स्थल सुरक्षा

ये कौशल कहां उपयोगी हो सकते हैं?

  • भवन निर्माण और रखरखाव टीम
  • प्लम्बिंग और सैनिटरी सेवा
  • आवास और जल प्रणाली रखरखाव
  • अप्रेंटिसशिप या पर्यवेक्षित स्वरोजगार

ये सामान्य दिशाएं हैं। इन्हें नवोदय आईटीआई का प्लेसमेंट रिकॉर्ड या नौकरी की गारंटी न मानें।

प्रमाणपत्र के साथ सीखना जारी रखें।

अप्रेंटिसशिप, शुरुआती तकनीकी काम, पर्यवेक्षित सेवा या आगे का मान्य प्रशिक्षण अलग रास्ते हो सकते हैं। हर अवसर की वास्तविक पात्रता और चयन नियम पढ़ें।

करियर और अप्रेंटिसशिप समझें

प्लम्बर आईटीआई के सामान्य प्रश्न

क्या 8वीं पास विद्यार्थी प्लम्बर आईटीआई कर सकता है?

हां। वर्तमान DGT मानक में प्लम्बर ट्रेड की प्रवेश योग्यता 8वीं उत्तीर्ण है, साथ में राजस्थान की चालू प्रवेश शर्तें लागू होंगी।

प्लम्बर आईटीआई कितने समय का है?

इसकी DGT अवधि एक वर्ष और कुल 1,200 प्रशिक्षण घंटे है।

इसमें कौन सा व्यावहारिक काम शामिल है?

पाइप तैयार करना और जोड़ना, जल तथा निकासी प्रणाली, सैनिटरी फिटिंग, परीक्षण, रखरखाव और औजारों का सुरक्षित उपयोग शामिल है।